bandhu

Chetan Joshi - Administrator

जीवन साथी का चयन

विवाह उसी से होता है जिसे जीवन साथी के रूप में वर और वधु पक्ष की स्‍वीक्रति और सहमति मिल जाती है किन्‍तु विवाह से पूर्व जीवन साथी का चयन ही सबसे अहम कार्य होता है। हजारों में से एक को चुनना यह चयन करने वाले की काबलियत पर निर्भर …

Read More »

नाम में सब कुछ रखा है ?      

बात बात में लोगों के मुह से निकलता है कि ‘‘नाम में क्या रखा है,काम से मतलब रखो। नाम की अपनी सार्थकता,उपयोगिता और प्रांसगिकता है। जब हम किसी से परिचय करते हैं तो कहते हैं-‘‘ आपका शुभ नाम ’’, आपकी तारीफ’’ , ‘‘युअर गुड नेम प्लीज‘‘। नाम को मुहावरों के …

Read More »

नो उल्लू बनाविंग

बडे जोर शोर से धूम मचा रहा है एक स्लोगन ‘‘ नो उल्लू बनाविंग‘‘, क्यों कि हम सब एक दूसरे को कहीं न कहीं उल्लू बनने/बनाने में लगे है । ऋग्वेद में विवाह को यज्ञ माना जाकर उसका प्रधान कार्य संतानोत्पति माना गया है । पुरूष  को बीज और नारी …

Read More »

कन्या और कार/हाथी बंधा व्दार

पुत्री परिवार की पावनता,कन्या कलियों की मुस्कान,और बेटी बचपन का संस्कार जैसे अलंकरणों से युक्त है । बेटी माँ की गोद से लेकर गोदावरी के किनारों तक अठखेलियाँ करते हुवे पुष्पित,पल्लवित हा,े कन्या का रूप ग्रहण कर लेती है । इसी बेटी पुत्री, कन्या को कवियों,साहित्यकारों,कथाकारों, सन्तो, महन्तों ने मासूम …

Read More »

इष्टदेव श्री गोविन्द माधव

सिध्दपुर पाटन में विराजते इष्टदेव श्री गोविन्द माधव । वन्दना करें हम उनकी ,दयानिधान श्री गोविन्द माधव ।। देव हैं एक ही, पर दो विग्रह इनके श्री गोविन्द माधव । सहस्त्र औदीच्य समाज के आराध्य श्री गोविन्द माधव ।। ज्ञानेन्द्रियों के प्रकाश और लक्ष्मीपति श्री गोविन्द माधव । सृष्टि का …

Read More »