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Chetan Joshi - Administrator

घर छोड़ कर क्यों भागना पड़ा-ऋषि दयानन्द का स्वलिखित जीवनवृत – द्वितीय भाग|

घर छोड़ कर क्यों भागना पड़ा –ऋषि दयानन्द का स्वलिखित जीवनवृत – द्वितीय भाग मैं स्वामी दयानन्द सरस्वती संक्षेप से अपना जन्म चरित्र लिखता हूँ।। जब माता पिता ने मुझे बुला के विवाह की तैयारी कर दी तब तक 21 इक्कीसवां वर्ष भी पूरा हो गया।  तब मैंने निश्चित जाना …

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ऋषि दयानन्द का स्वलिखित जीवनवृत – (प्रथम भाग)

ऋषि दयानन्द का स्वलिखित जीवनवृत – (प्रथम भाग) (डा. रत्नकुमारी स्वाध्याय संस्थान कृत ‘महर्षि दयानन्द जीवन वृत और कृतित्व’ से साभार उदृत‌).प्रस्तुत कर्ता – डॉ मधु सूदन व्यास उज्जैन मैं स्वामी दयानन्द सरस्वती संक्षेप से अपना जन्म चरित्र लिखता हूँ।। संवत 1881 के वर्ष में मेरा जन्म दक्षिण गुजरात प्रान्त …

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स्वामी- दयानंद सरस्वती अंग्रेजो द्वारा प्रलोभन हत्या का षड्यंत्र और अंतिम शब्द?

4  – स्वामी-  दयानंद सरस्वती   अंग्रेजो द्वारा प्रलोभन हत्या का षड्यंत्र और अंतिम शब्द?        प्रारम्भ में अनेक व्यक्तियों ने स्वामी जी के समाज सुधार के कार्यों में विभिन्न प्रकार के विघ्न डाले और उनका विरोध किया। धीरे-धीरे उनके तर्क लोगों की समझ में आने लगे और विरोध …

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स्वामी दयानंद सरस्वती- समाज सुधार स्वतंत्रता संग्राम के सूत्र धार |

3- स्वामी दयानंद  सरस्वती- समाज सुधार  स्वतंत्रता संग्राम के सूत्र धार |     महर्षि दयानन्द ने तत्कालीन समाज में व्याप्त सामाजिक कुरीतियों तथा अन्धविश्वासों और रूढियों-बुराइयों को दूर करने के लिए, निर्भय होकर उन पर आक्रमण किया। वे संन्यासी योद्धा कहलाए। उन्होंने जन्मना जाति का विरोध किया तथा कर्म के आधार वेदानुकूल …

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स्वामी दयानंद सरस्वती के वैचारिक आन्दोलन, शास्त्रार्थ एवं व्याख्यान|

    “पूर्व लेख 1- से आगे लिंक  “औदीच्य रत्न महिर्षि स्वामी दयानंद सरस्वती” 2-स्वामी दयानंद सरस्वती के  वैचारिक आन्दोलन, शास्त्रार्थ एवं व्याख्यान       वेदों को छोड़ कर कोई अन्य धर्मग्रन्थ प्रमाण नहीं है – इस सत्य का प्रचार करने के लिए स्वामी जी ने सारे देश का दौरा करना प्रारंभ किया …

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