परिचय से परिणय तक .गागर में सागर का समायोजन

विचार वैश्विक संपत्ति हैए जो उन्हे ग्राह्य करता हैए उसके व्दारा ही वे अभिव्यक्त होते हैं ! संस्कारों के विषय में भी आदिकाल से  निरन्तर विचार मंथन चलता आया है! संस्कारों के पीछे हमारे ऋषि मुनियों का उद्देश्य था एक प्रतिभा संपन्नएविवेकशील और श्रध्दालु मानव का निर्माण करनाए किन्तु पश्चिम के प्रभाव ने भारतीय समाज को इतना अधिक प्रभावित कर दिया है कि 16 संस्कारों में से अधिकांश संस्कारों का सार सिमटकर पुस्तकों में समा गया है। आज के समय में  विवाह संस्कार जैसे कुछ संस्कार ही प्रचलन में हंै किन्तु उनमें भी लोकाचार की प्रधानता समाहित होगई  है ।

अपने बेटे बेटियों के लिए योग्य जीवन साथी का चयन सावधानी से करने की परम्परा प्राचीन समय से ही चली आ रही है। वर के चयन हेतु शास्त्रों में वर के कुलए शीलएशरीरएआयु एविद्याएवित्त व साधन सम्पन्नता इन सात बातों की जानकारी तथा पूर्ण संन्तुष्टी के बाद ही कन्या का संबंध तय करना चाहिए ! इसी प्रकार वर के मापदण्डों  के समान वधु के चयन के लिए भारव्दाज गृहयसूत्र  के अनुसार वित्तएरूपएप्रज्ञाएऔर कुल ये चार लक्षण प्रधान बताये गये हैं ! शारीरिक लक्षणों के साथ बौध्दिक सौंदर्य को भी महत्व दिया गया है ।  जीवन साथी के चयन के बाद सगाई की रस्म की जाती है जिसे सगाईएटीकाएतिलकएया फलदान आदि कहा जाता है ! यह लडके और लडकी वालों के बीच अनुबंध करने की एक प्रक्रिया है!
वर्तमान समय में स्वच्छद जीवनएमानवीय मूल्यों का ल्हासएविलासिताएउच्च शिक्षाएसमाज का विस्तार एसमाज से दूरी एरिश्तों का ऋणात्मक होने जैसे अनेक कारणों की वजह से अभिभावकों को अपने बेटे बेटियों के लिए जीवन साथी चुनना गहन चिन्ता का कारण बनता जा रहा है। इन्ही सब कठिनाईयों को देखते हुए समाज सेवियों ने इस समस्या का सरल हल निकाला है जिसका नाम दिया ष्ष् परिचय सम्मेलनष्ष् जिसके  व्दारा अपने अपने समाज के अविवाहित युवक युवतियों का आपस में परिचय करा कर  उनके व्दारा योग्य जीवन साथी का चयन करने में मदद करना । परिचय सम्मेलनों से  अभिभावकों की चिन्ता कम तो हुई और ऐसे आयोजनों को सफलता भी मिल रही है किन्तु प्रत्याशी जिनके लिए यह व्यवस्था की गई एकम संख्या में उपस्थित होते है।
भगवान महाकाल की नगरी में पिछले 17 वर्षो से परिचय सम्मेलन का सफलतम आयोजन किया जा रहा है जिसका लाभ देश विदेश में निवास कर रहे कई परिवारों को मिला और आज कई परिवार उज्जैन के परिचय सम्मेलन से उन्हे मिली सफलता का परिचय अन्य परिवारों को दे रहे हैं!
युवा मंच व्दारा आयोजित 18 दिसम्बर 2016 को 18 वे अविवाहित युवा युवति परिचय सम्मेलन का मंच उन्ही युवा युवतियों के लिए उपलब्ध रहेगा जो जीवन साथी के चयन हेतु अपने अपने अनमोल विचारों के माध्यम से सभी को अवगत करावेगें ! इससे यह फायदा होगा कि युवा और युवतियां जो वहां उपस्थित रहेगें एअपने समान विचारधारा वाले जीवन साथी का चयन करने में अपना मन बना सकेगें एएक दूसरे को भली प्रकार जान सकेगें और अभिभावकों की उपस्थिति मे जीवन साथी चयन की अभिस्वीकृति भी प्राप्त कर सकेगें !
विशेषकर उन सभी युवा युवतियों से जो जीवन साथी चयन की देहलीज पर खडे है एइस आयोजन में उपस्थित होकर अपने सपनों को पूरा करें तथा अपने अभिभावकों की चिन्ता को दूर करें !

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उद्धव जोशी – एफ 5/20 एलआयजी ऋषिनगर उज्जैन -uddhavjoshi1946@gmail.com

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