ज्ञान की ज्योति जगाते समाज के पत्र एवं पत्रिकाऐं

मानव  ने कलम को हाथ में लिया ,बुध्दि ने कलम का साथ दिया! दोनों ने जब शब्दों को विचारों में बांधना शुरू किया तो कागज ने अपना दामन फैला कर उन्हे बटोरना प्रारम्भ कर दिया । विचारों की श्रृखंला,कहानी,कविता,आलेख,अभिलेख, समाचार,संस्मरण जैसी अनेक विधाओं में कागज पर उतरने लगी और समाज के बीच पत्र,पत्रिकाओं,किताबों जैसे अनेक शाखाओं में मानव को पढने को मिलने लगी !
सहस्त्र औदीच्य समाज ने भी इस और कदम बढाते हुए देश विदेश में निवासरत सदस्यों को सार गर्भित आलेख, तथा सामाजिक गतिविधियों की जानकारी देने हेतु साप्ताहिक, मासिक, त्रैमासिक जैसी अनेक पत्र पत्रिकाओं का प्रकाशन प्रारम्भ कर दिया और इनके माध्यम से समाज के सदस्यों का आपसी संवाद,सामाजिक एकता और विकास का प्रारम्भ हुआ ! देश के विभिन्न भागों में पत्र पत्रिकाओं का प्रकाशन हुआ इन सबके संकलन का कार्य श्री राधेश्याम जी व्दिवेदी जी ने किया जो आज हमारे लिए अनमोल धरोहर के रूप में है। कई पत्र पत्रिकाऐं आज चलन में नहीं है किन्तु उनकी जानकारी सबको होना आवश्यक है!
  1. उदीच्य हितेच्छु मासिक  1935 अहमदाबाद    श्री हीरालाल जी मेहता
  2. गुर्जर समाचार    मासिक  1943    मथुरा         श्री गंगाराम जी औदीच्य
  3. औदीच्य हितेच्छु   मासिक  1948    अहमदाबाद    श्री बुलाखीराम जी
  4. गुर्जर हितकारी   त्रैमासिक 1954    मथुरा         श्री गंगाराम जी पण्ड्या
  5. पंच पत्रिका       मासिक  1960   काशी         श्री बलदेव दत्त ठाकर
  6. गुर्जर ब्राहमण     मासिक  1965   अहमदाबाद     श्री हरजीवन जी त्रिपाठी
  7. औदीच्य मित्र     मासिक  1965    अहमदाबाद    श्री रघुनाथ शर्मा
  8. औदीच्य प्रभाकर   मासिक 1967    सूरत          श्री मणिशंकर जी व्यास
  9. उदीच्य जीवन    –      1975    मुंबई          श्री हरीशंकर विद्यार्थी
  10. उदीच्य         –      1976    मुंबई          श्री शंकरलाल जी त्रिवेदी
  11. औदीच्य प्रकाश  मासिक  1977   कलसार        श्री नारायण जी कलसालकर
  12. उदीच्य अभ्युदय  –     1978    मुंबई          श्री गंगाराम जी शुक्ल
  13. औदीच्य        –      1979    रायपुर         श्री ईश्वरलाल जी व्यास
  14. उदीच्य युवक    –      1979    मंुबई          श्री सूरजराम जी भट्ट
  15. युवक           –     1980     वदवाण       श्री मणीशंकर जी भट्ट
  16. श्री सिध्दरूद्र     –     1980    आमोद         श्री जगन्नाथ जी
  17. औदीच्य मुकुर    –     1981    मुंबई           श्री गणपति शंकर देसाई
  18. औदीच्य ब्राहमण मासिक  1981   करनाल पंजाब    श्री रामदत्त जी व्यास
  19. औदीच्य कत्र्तव्य मासिक  1925   करांची          श्री मूलशंकर जी व्यास
  20. औदीच्य संदेश   –     1932   अमृतसर         श्री जगतराम जी शर्मा/ श्री जानकीनाथ जी डोरीवाले
  21. हितवर्धन       मासिक 1988   मुंबई            श्री रणछोडलाल जानी
  22. औदीच्य ज्योति  मासिक 1989   बडोदा          श्री हरगोविन्द मेहता
  23. औदीच्य पत्रिका मासिक  1933  सूरत            श्री नानूभाई व्यास
  24. औदीच्य संगठन मासिक  1933  अमृतसर         श्री रमेशराय दर्द
  25. आहुति         मासिक  1991 करांची           श्री मगनलाल शुक्ल
  26. उदय पत्रिका    मसिक  1994  मुबई            श्री शंकरलाल जी व्यास
  27. औदीच्य उदय   मासिक  1934  मुंबई            श्री भानुशंकर याज्ञिक
  28. औदीच्य इंकलाब मासिक  1934   –             श्री निरभेशंकर पाणेरी
    औदीच्य क्रांति
  29. प्रकाश        त्रैमासिक  1937  राजकोट         श्री सेवक जी
  30. ब्राहमणजगत   मासिक   1938  मुंबई            श्री मगनलाल जोशी
  31. तणखा        मासिक   1938  अहमदाबाद       श्री शान्तिलाल जी ठाकर / श्री लक्ष्मीप्रसाद आचार्य
  32. औदीच्य सेवक  मासिक   1995 करांची            श्री प्रभुलाल जी शुक्ल
  33. औदीच्य वर्तमान               बढवाण
  34. औदीच्य किशोर               कानपुर
  35. औदीच्य पत्रिका               बाटवा
  36. औदीच्य गौरव  त्रैमासिक 1989  कोटा             श्री दामोदर जी शंडिल्य प्र.सं. / श्री रमेशचन्द्र शर्मा सपादक / श्री योगेश व्दिवेदी सह सं.
  37. औदीच्य संदेश  त्रैमासिक 1974 कोटा             श्री कैलाशनाथ जी / श्री शिवशंकर जी शर्मा प्रबंध.सं.
  38. औदीच्य समाज  मासिक  2001 देवास            श्री जगदीश शर्मा
  39. परशुराम दर्पण  मासिक   2014 उज्जैन           श्री अक्षय व्यास
  40. औदीच्य बन्धु   मासिक   1926
औदीच्य बन्धु एकमात्र ऐसी सामाजिक पत्रिका का है जो वर्ष 1926 से निरंतर प्रकाशित हो रही है! इस पत्रिका अनेक स्थानों पर विव्दान संपादकों व्दारा संपादित हुई। इसके जन्मदाता स्वनाम धन्य ज्योतिष बाबा श्री शिवप्रकाश जी व्दिवेदी जी महाराज मथुरा थे । श्री चन्द्रप्रकाश जी ने मथुरा में औदीच्य बन्धु का दो वर्ष तक संपादन किया। बाद में श्री चतुर्भज जी पण्ड्या ने 3 वर्ष तक काशी में तथा श्री बलदेवप्रसाद  जी शर्मा एक वर्ष तक इसके संपादक रहे । श्री पूनमचंद्र जी सहायक संपादक रहे ! इसके बाद श्री राधेश्याम जी व्दिवेदी संपादक रहे तब बंधु मथुरा से प्रकाशित  होता था । सन् 1956 तक डाॅ गोवर्धननाथ जी शुक्ल ,संपादक रहे तथा डाॅ विश्वनाथ शुक्ल सह संपादक रहे ।
अक्टूम्बर 1956 से औदीच्य बन्धु इन्दौर से प्रकाशित होने लगा । पं.श्री गोपीवल्लभ जी उपाध्याय संपादक रहे! सन 1967 में श्री श्यामू जी सन्यासी बन्धु के संपादक बने ! आपके इलाहाबाद जाने से 3 वर्ष तक श्री विश्वनाथ जी शर्मा ने  प्रबंध संपादक के रूप में कार्यभार संभाला बाद में श्री श्यामू संन्यासी जी 1 जनवरी 1970 में पुनः संपादक बने ! इसके पश्चात  डाॅ.मदनमोहन जी दुबे ने 20 वर्ष से अधिक संपादन का भार वहन किया तथा डाॅ जयाबेन शुक्ल सहयोगी रही ।
श्री गोर्धनदास जी मेहता भोपाल,श्री लक्ष्मीनारायण जी उपाध्याय,पं.भीमशंकर जी व्दिवेदी,डाॅ.रमणीकराय पंड्या,श्री शिवशंकर जी रावल ,डाॅ ओमनारायण पण्ड्या उज्जैन आदि संपादक रहे ! श्री मुकेश जोशी उज्जैन ने सह संपादक के रूप में कार्य किया ।
वर्तमान में औदीच्य बन्धु के संपादकीय मण्डल में प्रधान संपादक डाॅ.ओम ठाकुर,संपादक श्री धर्मेन्द्र रावल,सह संपादक श्री उद्धव जोशी,प्रबंध संपादक श्री मनमोहन जी ठाकर,सहसंपादक प्रबन्ध श्री शरद व्यास जी कार्यरत हैं। उक्त उल्लेखित पत्र पत्रिकाओं में से अधिकांश बन्द हो चुकी है। वर्तमान में उदयपुर,जयपुर,एवं गुजरात से कुछ पत्र प्रकाशित हो रहे हैं ।
विशेष निवेदन है कि यदि किसी की जानकारी में ऐसी पत्रिकाऐं जिनका उल्लेख नहीं हुआ है और सतत प्रकाशित हो रही हो तो जानकारी अवश्य भेजें।
– उद्धव जोशी | F-5/20 एलआयजी ऋषिनगर ,उज्जैन ( मो. 9406860899 )

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उद्धव जोशी - एफ 5/20 एलआयजी ऋषिनगर उज्जैन -uddhavjoshi1946@gmail.com

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