शिक्षा, स्वास्थ्य, सेवा, संस्कार

औदीच्य समाज वरिष्ठजन समिति, उज्जैन

पंजीयन क्रमांक : 9394/11
कार्यालय : के 7, ऍम आई जी , ऋषिनगर, उज्जैन 

औदीच्य समाज में वरिष्ठजनों का एक ऐसा प्रगतिशील एवं प्रेरणादायी समूह है, जिसके पास अनुभव, कर्म कौशल, संस्कार सम्पन्नता है किन्तु संगठन के अभाव में समाज आज भी इन विशिष्ट वरिष्ठजनों की सेवा का लाभ लेने से वंचित है. अतः वरिष्ठजनों द्वारा “आओ कुछ नया करें” इस मूल भावना से अभिप्रेरित होकर औदीच्य समाज वरिष्ठजन समिति का गठन किया गया है।
औदीच्य समाज वरिष्ठजन ‘‘‘समति जिला उज्जैन ‘‘ वर्ष 2010 से कल्याणकारी उद्देश्य ‘‘ शिक्षा, स्वास्थ्य, सेवा और संस्कार ‘‘ को क्रियान्वित करने हेतु सतत् रूप से उज्जैन जिले की सीमा के सामाजिक क्षेत्र में कार्यरत है। समिति सदस्य स्वयं अपने व्दारा प्रदत्त आर्थिक सहयोग एवं जन सहयोग से समाज के सभी वर्ग के सदस्यों के लिए विभिन्न कल्याणकारी कार्यो के माध्यम से युवाओं, महिलाओं एवं अन्य पीडितों को आर्थिक सहायता प्रदान करती हैं। वर्तमान में समिति के सदस्यों की संख्या 364 होकर उनकी एक परिचय पुस्तिका चित्र एवं सम्पूर्ण पता,दूरभाष,मोबाईल नम्बर, ब्लडग्रप सहित प्रकाशित की गई जो समाज के लिए लाभकारी है । समस्त सदस्यों को पहचान पत्र भी उपलब्ध कराये गये हैं जिनकी सहायता से व अन्य दूरस्थ स्थानों पर अपनी वरिष्ठता का लाभ तथा मेडीकल सुविधा प्राप्त करते हैं। समिति व्दारा गत 10 वर्ष की अवधि में समाज के कल्याणकारी उद्देश्यों को लेकर जो कार्य संचालित किए गये है,उनकी जानकारी निम्नानुसार है।
शिक्षा : आर्थिक द्रष्टि से कमजोर शिक्षार्थियों को आर्थिक सहायता, पीएचडी उपाधि धारक को रू. 5000/- सम्मान निधि, एलएलबी,संस्कृत,स्नातकोत्तर परीक्षा में 75 प्रतिशत तथा कक्षा 10 वी व 12 वी में 80 प्रतिशत से अधिक अंक धारकों प्रत्येक को रू. 1000/- की सम्मान निधि, प्रतिक चिन्ह व प्रमाण पत्र दिया जाता है। स्नातकोत्तर परीक्षा में सर्वाधिक अंक प्राप्त कर्ता विद्यार्थी को रू. 5100/- की नगद राशि से पुरस्कृत किया जाता है। ग्रामीण क्षेत्र से 12 वी कक्षा उच्चांक के आधार पर एक छात्रा को रू. 5000/-की छात्रवृति स्नातक होने तक निरन्तर दी जाती है। गत पांच वर्षो में अभी तक 115 छात्रों को सम्मानित किया जा चुका है!
स्वास्थ्य-: समाज के किसी भी सदस्य को रूग्णावस्था में उपचार हेतु तत्काल आंशिक आर्थिक सहायता न्यूनतम रू. 3000/- एवं अधिकतम राशि रू. 10,000/- दी जाती है । अभी तक कुल 7 रूग्ण व्यक्तियों को रू. 53000/- उपचार हेतु आंशिक सहायता उपलब्ध कराई गई है । इस हेतु तत्काल सहायता दी जा सके इसके लिए अध्यक्ष को अधिकृत किया गया है।
समिति प्रतिवर्ष स्वास्थ्य शिविरों का आयोजन कर रही है। पंजाब नेशनल बैंक के सहयोग से भी दो शिविर सम्पन्न हुए हैं । स्वास्थ्य शिविरों में दंत रोग, नेत्र रोग, मधुमेह, हृदय रोग तथा अन्य सामान्य रोगों के परीक्षण एवं ईलाज के लिए एलोपेथिक, आयुर्वेद, होम्योपेथ, युनानी डाक्टर्स के अतिरिक्त न्यूरो सर्जन की सेवाऐं भी उपलब्ध कराई जाती है। हृदय रोग एवं अन्य गंभीर रोगों के संबंध में जानकारी तथा सदस्यों की शंका के निवारण हेतु कार्यशाला का आयोजन किया जाता है। समिती ,के अनुरोध पर उज्जैन शहर के कई वरिष्ट विशेषज्ञ चिकित्सको व्दारा परामर्श शुल्क निशुल्क या 50 प्रतिशत लिया जा रहा है| यही नहीं चिकित्सालयों तथा नर्सिंग होम में 15 से 20 प्रतिशत,पेथालाजी में 20 प्रतिशत व दवाईयां क्रय करने पर 10 प्रतिशत की लाभ सुविधा भी उपलब्ध कराई गई है।
सेवा एवं संस्कार – समाज के किसी भी व्यक्ति के निधन होने की जानकारी प्राप्त होने पर समिति के अधिकांश सदस्य शोक संतप्त परिवार को सात्वना देने हेतु उपस्थित होते हैं! समिति व्दारा संबंधित परिवार को शोक संवेदना पत्र भी पहुंचाया जाता है ।मृत्यु भोज सीमित करने ,स्वरूचि भोज में भोजन का अपव्यय न करने,सामाजिक आयोजनों में उपस्थित होने,पारिवारिक समरसता बनाये रखने,अनावश्यक व्यय न करने ,बच्चों की शिक्षा संस्कार आदि विषयों पर विचार गोष्ठी में सामूहिक चर्चा कर, प्राप्त उपयोगी सुझावों को कार्यान्वित करने का प्रयास भी किया जाता है।
सम्मान – परिवार में बुजुर्गो के प्रति सम्मान की भावना निरन्तर प्रवाहमान बनी रहे इस हेतु वरिष्ठजन समिति के 80 वर्ष की आयु वाले सदस्यों का सम्मान शाल,श्रीफल व अभिनन्दन पत्र भेंट कर किया जाता है ! संस्था व्दारा अभी तक 44 सदस्यों को सम्मानित किया जा चुका है। म.प्र.शासन व्दारा प्रतिवर्ष 1 अक्टूम्बर को आयोजित होने वाले अन्तर्राष्ट्र्यि वृध्दजन दिवस पर समाज के 32 सदस्य सम्मानित हो चुके हैं।
महिला सशक्तिकरण : समाज और परिवार में महिलाओं की भूमिका को सबसे सशक्त माना गया है! वर्तमान समय में बेटियों की घटती संख्या चिन्ता का विषय बनती जा रही है! ऐसी स्थिति में वरिष्ठजन समिति ने समाज की 29 माताओं को जिनकी केवल एक या दो बेटियां हैं, का बेटी के प्रतिक चिन्ह के साथ सम्मानित किया गया । इस आयोजन की समाज के साथ अन्य समाजों व्दारा भरपूर सराहना की गई! भोपाल से प्रकाशित होने वाली बावीसा ब्राहमण समाज की पत्रिका ‘‘ विप्रवाणी‘‘ में इस आयोजन का उल्लेख विशेष रूप से किया गया । समिति व्दारा ऐसे युवकों को भी सम्मानित किया जाता है जिन्होने समाज की विधवा या परित्यक्ता को अपनी जीवन संगिनी के रूप में स्वीकार किया ! इस वर्ष ऐसे दो दम्पत्ति को समिति व्दारा सम्मानित किया गया । इस आयोजन से समाज के वे युवा जिनकी अधिक आयु होने के कारण विवाह नही हो रहा था! उन्होने जीवन संगिनी के रूप में समाज की विधवा या परित्यक्ता को स्वीकार करने की दिशा में अग्रसर है।
सम्मान के अन्य विविध क्षेत्र : सामाजिक, साहित्य,संगीत,कला,शिक्षा,क्रिडा आदि विविध क्षेत्रों में औदीच्य समाज की प्रतिभाओं ने स्थानीय स्तर से लेकर देश , विदेश तक अपना परचम फहराया है! ऐसी प्रतिभाओं का सम्मान भी समिति प्रतिवर्ष शाल,श्रीफल व अभिनन्दन पत्र देकर करती है। वर्ष 2015 में कला संस्कृति सम्मान नाट्यकार श्री सतीश दवे को, साहित्य संस्कृति सम्मान डा.प्रमोद त्रिवेदी को, तथा विगत वर्षों में श्री गिरजेश व्यास एवं मुकेश जोशी को भी सम्मानित किया गया था। श्रेष्ठ सामाजिक महिला कार्यकर्ता ग्रामीण क्षेत्र उडाना की श्रीमती कृष्णाबाई तथा श्रेष्ठ समाज सेवी के रूप में श्री उद्धव जोशी को सम्मानित किया गया ।
वरिष्ठजन समिति अपने उक्त प्रत्यक्ष आयोजनों के अतिरिक्त अप्रत्यक्ष रूप से भी समाज की अन्य संस्थाओं के लिए अपनी सहभागिता निभा रही है ! समिति व्दारा जहां भी अपने आयोजन किए जाते है वहां अ.भा.औदीच्य महासभा के मुख पत्र औदीच्य बन्धु के सदस्यता अभियान का व्यापक स्तर पर प्रचार प्रसार किया जाने हेतु बेनर लगाये जाने के साथ ही घोषणा भी की जाती है ! जिससे कई लोग प्रेरित होकर सदस्य बनते जा रहे हैं ! वर्ष 2015 में समिति व्दारा आयोजित कार्यक्रम में श्रीमती उर्मिला शुक्ला ने रू. 10,000/- प्रदान का संरक्षक सदस्यता ग्रहण की।
समिति अध्यक्ष श्री सुरेशचन्द्र जी उपाध्याय के अनुशासित नेतृत्व में समिति व्दारा समाज के हर कोण में अपनी गतिविधियों व्दारा प्रगति का मार्ग प्रशस्त करने का प्रयास किया जा रहा है। औदीच्य बन्धु के माध्यम से औदीच्य समाज वरिष्ठजन समिति उज्जैन के व्दारा की जाने वाली विभिन्न गतिविधियों के प्रकाशन का उद्देश्य मात्र यही है कि ऐसी गतिविधियां अन्य जिलों में भी सक्रियता पूर्वक सम्पन्न की जावे ताकि समाज का हर वर्ग लाभान्वित और क्रियाशील बने। जिन जिलों में समाज की ऐसी गतिविधियां संचालित हो रही हों वे अवश्य सूचित करें तथा इस समिति की वर्तमान गतिविधियों के अतिरिक्त अन्य कोई भी गतिविधि में सक्रिय करना आवश्यक समझते हो, उस संबंध में अपने अमूल्य सुझाव अवश्य भेजें।