जीवन साथी का चयन

विवाह उसी से होता है जिसे जीवन साथी के रूप में वर और वधु पक्ष की स्‍वीक्रति और सहमति मिल जाती है किन्‍तु विवाह से पूर्व जीवन साथी का चयन ही सबसे अहम कार्य होता है। हजारों में से एक को चुनना यह चयन करने वाले की काबलियत पर निर्भर है। वैसे तो प्राथमिक प्रक्रिया के अनुसार लडका उसके घरवाले एवं लडके के यार दोस्‍त ,लडकी के घर जाकर जीवन साथी का चयन करते रहे हैं । इसमें कन्‍या के घर कई बार जाना और अन्‍त में नापसन्‍दगी जाहिर करना सबसे दुखदायी पल लडकी वालों के लिए होता है और आर्थिक भार अलग से । इसके बाद अन्‍य लडके की तलाश और अन्‍त में वही परिणाम । इसी दुखदायी पल को खुशी में बदलने हेतु सामाजिक मंच पर समाज व्‍दारा परिचय सम्‍मेलन का आयोजन प्रारम्‍भ किया गया । यह सत्‍य है कि हम समाज के प्रत्‍येक घर से सम्‍पर्क रखने का कभी प्रयास ही नही करते हैं और यदि करते भी हैं तो बडी सीमित संख्‍या में । नौकरी की व्‍यथा कथा में हर समय हम लडका या लडकी को ढूढने का समय नहीं दे सकते । इन्‍ही कष्‍टों को दूर करने में परिचय सम्‍मेलन सार्थक भूमिका निभा रहा है। एक मंच पर पूरे देश से समाज के सदस्‍यों के साथ उनके बच्‍चे जीवन साथी चयन हेतु उपस्थित होते हैं । बच्‍चे स्‍वयं समक्ष में देख एवं चर्चा कर अपने लिए जीवन साथी का चयन कर बडों को बता सकते हैं ताकि आगे की प्रक्रिया वरिष्‍ठ लोग पूरी कर सके ।

समाज के कई सदस्‍य इस भ्रम को पाले बैठे हैं कि वे ही लोग परिचय सम्‍मेलन में जाते है जिनके संबंध नहीं हो रहे हैं और इसी भ्रम में वे अपने बच्‍चों की स्‍वर्णिम आयु निकाल देते हैं । इससे बच्‍चों के मन पर कुप्रभाव पडता है। आप किसी के घर जाकर जीवन साथी का चयन करें अथवा समाज के मंच पर । समाज तो हमेशा साथ ही रहेगा। जिन सदस्‍यों ने परिचय सम्‍मेलन का माध्‍यम चुना उनमें से अधिंकाश को बिना अर्थ ओर समय गवायें योग्‍य जीवन साथी मिले और वे सब खुश है । सुनी सुनाई बातों के बजाय एक बार परिचय सम्‍मेलन के दरवाजे पर दस्‍तक देकर तो देखों दरवाजा खुलते ही खुशीयों का माहोल मिलेगा और उसी माहोल में मिल जायेगा कोई अपना । विशेषकर उन अविवाहित युवक युवतियों से आग्रह है कि वे समाज को महत्‍व देना स्‍वीकार कर अवश्‍य आवे । पेपरों में वैवाहिक विज्ञापन या मेरिज ब्‍यूरों में रूचि रखने वाले धोखा खा सकते हैं किन्‍तु समाज के मंच पर जीवन साथी के चयन में कोई धोखा नहीं खा सकता क्‍यों कि इस अवसर पर वहां हर क्षेत्र का सदस्‍य और रिश्‍तेदार उपस्थित रहता है जो दूसरे पक्ष को सारी जानकारी से अवगत करा सकता है।

ऐसा ही स्‍वर्णिम अवसर आपके भाग्‍य को खटखटा रहा है । 18 दिसम्‍बर 2016 को उज्‍जैन में भव्‍य परिचय सम्‍मेलन आयोजित हैं, अवश्‍य लाभ उठायें ।

इष्टदेव श्री गोविन्द माधव

सिध्दपुर पाटन में विराजते इष्टदेव श्री गोविन्द माधव ।
वन्दना करें हम उनकी ,दयानिधान श्री गोविन्द माधव ।।
देव हैं एक ही, पर दो विग्रह इनके श्री गोविन्द माधव ।
सहस्त्र औदीच्य समाज के आराध्य श्री गोविन्द माधव ।।
ज्ञानेन्द्रियों के प्रकाश और लक्ष्मीपति श्री गोविन्द माधव ।
सृष्टि का संचालन करते एक साथ श्री गोविन्द माधव ।।
हम भी सुनें सोंचे समझे,क्या कहते श्री गोविन्द माधव ।
बुध्दि में अज्ञान आये तो ज्ञान देते हैं श्री गोविन्द माधव।।
आंखों में नमी हो तो खुशियाँ भर देतेश्री गोविन्द माधव ।
वाणाी में कर्कशता आये तो उच्चारिये श्री गोविन्द माधव ।।
कानों में ध्वनि प्रदुषण उतरे तो भजिये श्री गोविन्द माधव।
मन में कुटिलता की आग हो तो गायें श्री गोविन्द माधव।।
एक बनो नेक बनो सेवक बनो कहते श्री गोविन्द माधव ।
मिलें जब भी आपस में तो बोले सदा श्री गोविन्द माधव ।।
घर के मुख्य व्दार पर लगायें तस्वीर श्री गोविन्द माधव ।
कार्तिक पुर्णिमा के शुभ दिन याद करें श्री गोविन्द माधव ।।

उद्धव जोशी ,उज्जैन